अब 'आरे वन' के समर्थन में उतरीं लता मंगेशकर, सरकार से फैसला बदलने की मांग
मुंबई । मेट्रो यार्ड के निर्माण के लिए आरे वन में 2700 से अधिक पेड़ों को काटे जाने के सरकार के फैसले का हर ओर विरोध हो रहा है। इस क्रम में बुधवार को स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अपना विरोध दर्ज कराया।
लता मंगेशकर ने आज ट्वीटर पर हैशटैग सेव आरे फॉरेस्ट के साथ एक संदेश प्रेषित करते हुए सरकार को अपने फैसले पर दोबारा विचार करने बात कही। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “मेट्रो शेड के लिए 2700 से अधिक पेड़ों की हत्या करना, आरे के जीव सृष्टि को और सौंदर्य को हानि पहुंचाना बहुत दुख की बात होगी। मैं इस निर्णय का सख़्त विरोध करती हूं। सरकार को निवेदन करती हूं की वो अपने इस निर्णय पर फिर एक बार विचार करे और आरे के जंगल को बचाए।”
इससे पहले, बॉलीवुड की कई हस्तियों ने भी आरे वन को बचाने की मुहिम के तहत प्रदर्शन किया है। इसके तहत मानव श्रृंखला बनाकर लोगों ने सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कोई भी मेट्रो के खिलाफ नहीं है। वह बनना चाहिए लेकिन पारिस्थितिकी तंत्र बिगाड़ने की कीमत पर नहीं। मेट्रो कार शेड के लिए विकल्प हैं, जिसे तलाशे जाने की जरूरत है।
उल्लेखनीय है कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के वृक्ष प्राधिकरण ने उपनगर गोरेगांव से जुड़ी आरे कॉलोनी में मेट्रो यार्ड का निर्माण करने के लिए 2700 से अधिक पेड़ों को काटने की मंजूरी दी है। आरे वन को शहर का प्रमुख हरित क्षेत्र माना जाता है।